Mahakal ही ऐसे राजा है, जो अपने भक्तों को 365 दिन में 1825 रूपो में दर्शन देते है! Mahakal Ujjain

जय श्री Mahakal shiva भक्तो। आज हम Mahakal की नगरी Ujjain के बारे में बात करेंगे। उसके पीछे के इतिहास के बारे में जानेगे।

Mahakal के दर्शन देने का यह सिलसिला प्रतिदिन भस्मार्ती से शुरू होकर शयन आरती तक चलता है! मन्दिर में होने वाली 5 आरतियों में  बाबा को अलग-अलग रूपो में श्रृंगारित किया जाता है।  बारह ज्योतिर्लिंगों में केवल महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग Mahakaleshwar Mandir ही विश्व का ऐसा ज्योतिर्लिंग है, जहा प्रतिदिन पाँच आरतियाँ होतीं है।

Mahakal ज्योतिर्लिंग विश्व का एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है,जिनकी प्रतिष्ठा पूरी पृथ्वी के राजा और म्रत्यु के देवता के रूप में कई गई है।

Ujjain विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है (जहा शक्तिपीठ भी है,  ज्योतिर्लिंग भी है, कुंभ महापर्व भी है)

यहाँ साढ़े तीन काल विराजमान है,  (महाकाल, कालभैरव,गढ़कालिका और अर्धकलभैरव) ।

Ujjain: यही तीन गणेश भी विराजमान है,  (चिंतामन,मंछामन,इच्छामन)

इसके श्मशान को भी तीर्थ का स्थान प्राप्त है, चक्रतीर्थ श्मशान। यही विश्व की एकमात्र उतर प्रवाह में शिप्रा नदी है।

राजा विक्रमादित्य ने इस धरा का मान बढ़ाया। यही वो स्थान है,जिसने महाकवि कालिदास दिए

यही भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली है। अगर पोस्ट अच्छा लगा हो तो shiva भक्तो के साथ शेयर जरूर करना।  

जय श्री Mahakaal    

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