आभा मंडल-Aura क्या होता है और ये हमारी जिंदगी को कैसे प्रभावित करता है।

आभा मंडल-Aura शारीरिक की ऊर्जा का वीकरण है।इसका लेटीन भाषा मे अर्थ बनता है "सदैव बहने वाली हवा। यह हर व्यक्ति में स्थित होता है। किसी व्यक्ति का आभा मंडल बहुत ज्यादा होता है । तो किसी का ना के बराबर। Aura की सहायता से आप व्यक्ति के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हो। इससे पहले ही पता लग जाता है की आप सवास्थ्य रहेगे या जल्द ही वीमार होने वाले है,अपने T.V Serial में जरूर देखा होगा की ऋषि मुनिओ और देवी-देवताओ के सिर के ठीक पीछे एक ऊर्जा का पुंज बना होता है। ये ही है आभा मंडल।

 

यह आभा मंडल सृष्टी के हर जिव और निर्जीव बस्तु में होता है।उदाहरण स्वरूप ताजा फल, सब्जियों को ही लें, उनमें शुरू में जो चमक रहती है समय बीतने पर फीकी पड़ जाती है। यह एक प्रकार का प्रकाश होता है। जो की दोनों जीवित और निर्जीव शारीर अंदर से आता है।इसे हम अपने आँखों से भी देख सकते है। आभा मंडल कई परतो में भिव्हाजित होता है। यह परते देखने में अलग लगती है। परंतु इनका एक दूसरे के साथ सम्बंधित होता है। आधुनिक समय में इसे electromagnetic field के रूप में देखा जाता है ।इसे वैज्ञानिक तौर पर सिद्ध भी किया जा चुका है।

 

आधुनिक युग में ऐसे Camera बनाये जा चुके है जो की इस आभा मंडल की तस्वीर खीच सकते है।इसकी परतो के रग अलग अलग होते है। प्रत्येक रग का अपना ही मतलब होता है।वे उस व्यक्ति के भावनात्मक तथा आध्यात्मिक स्तर को प्रकट करते है।अगर ब्यक्ति का आभा मंडल स्याम रंग का हो तो वे केमिकल के प्रभाव में होता है। जेसे की Drug अथवा Alcohol हो ,या फिर लंबे समय से किसी दवा के सेवन का असर हो। एक व्यक्ति का आभा मंडल कई रंगो में हो सकता है। जब दो व्यक्ति का आपस में प्रेम होता है तो दोनों में एक दूसरे के आभा मंडल की छवि देखि जा सकती है।

 

तभी तो कहा जाता है की जेसी सांगत में रहो गे वैसा ही प्रभाव पड़े गा। अगर आप किसी का आभा मंडल देखना चाहते हो तो उस ब्यक्ति को लगातार देखें ,थोड़ी ही देर बाद उसके शरीर से लहरें उठती दिखाई देंगी। एक बात और भी है कि आभामंडल थोड़ी देर के लिए ही दिखाई देता है ।

 

फिर गायब हो जाता है। आभा मंडल के रंग आपके विचारो के साथ बदलते रहते है। अगर किसी ब्यक्ति के आभा मंडल में सुराख़ दिखाई दे तो इसका अर्थ यह है की उस ब्यक्ति की ऊर्जा उस स्थान पर बाधित हो रही है।रैकी क्रिया के द्वारा उस बाधित ऊर्जा को पुनः चला सकते है।इस प्रक्रिया को समझने के लिए अपनी दोनों हथेलियों को थोड़ी दूरी पर एक दूसरे के सामने करें आप महसूस करेंगे कि ऊर्जा प्रवाहित होने लगी है। ध्यान के अभ्यास के द्वारा इस Energy Field और बढ़ा कर उच्चस्तर तक ले जाया जा सकता है।

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